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राशन दुकानदारों का फूटा आक्रोश.. 20 साल से कमीशन नहीं बढ़ने पर सरकार के खिलाफ नाराजगी, 7 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा..

राशन दुकानदारों का फूटा आक्रोश.. 20 साल से कमीशन नहीं बढ़ने पर सरकार के खिलाफ नाराजगी, 7 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा..


छत्तीसगढ- प्रदेश के शासकीय राशन दुकानदारों और विक्रेताओं ने वर्षों से लंबित मांगों और आर्थिक समस्याओं को लेकर सरकार के समक्ष अपनी नाराजगी जाहिर की है। शासकीय राशन दुकानदार एवं विक्रेता कल्याण संघ छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों ने प्रदेशभर के उचित मूल्य दुकान संचालकों और राशन उपभोक्ताओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तथा उपमुख्यमंत्री को 7 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष देवर्ष भाई सापरिया, प्रदेश महासचिव विजय धृतलहरे एवं कार्यकारी अध्यक्ष विजय राठौर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने नया रायपुर स्थित महानदी भवन और इन्द्रावती भवन पहुंचकर अधिकारियों से मुलाकात की।

संघ पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की 14,109 उचित मूल्य दुकानें लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रही हैं। उनका आरोप है कि पिछले 20 वर्षों में राशन दुकानदारों के कमीशन में एक पैसे की भी वृद्धि नहीं की गई है, जबकि उन पर लगातार अतिरिक्त जिम्मेदारियां डाली जा रही हैं। इसके अलावा क्षतिपूर्ति राशि, वित्तीय पोषण, मध्याह्न भोजन, पूरक पोषण, अमृत नमक मार्जिन मनी और अतिरिक्त मार्जिन राशि सहित कई मदों का भुगतान वर्षों और महीनों से लंबित है।

प्रतिनिधिमंडल ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, संचालक फरिहा आलम सिद्दीकी तथा विभागीय अधिकारियों से मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया। अधिकारियों ने मांगों पर सकारात्मक चर्चा करते हुए समाधान की दिशा में पहल का भरोसा दिलाया।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि लंबित मार्जिन मनी भुगतान के लिए 14 करोड़ 93 लाख 17 हजार 986 रुपये की राशि जारी कर दी गई है, जिसे प्रदेश के सभी जिलों के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अधिकारियों के खातों में हस्तांतरित किया जा रहा है। साथ ही अन्य मांगों के निराकरण के लिए संघ पदाधिकारियों के साथ पुनः बैठक आयोजित करने पर भी सहमति बनी है।

संघ ने राशन वितरण में ओटीपी व्यवस्था बंद किए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश के 80 लाख से अधिक राशनकार्डधारकों को इससे सुविधा मिल रही थी, इसलिए इस व्यवस्था को जारी रखा जाना चाहिए। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ओटीपी आधारित वितरण प्रणाली बंद करने का निर्णय केंद्र सरकार स्तर पर लिया गया है।

खाद्य मंत्री के प्रवास पर होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी, जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव से भेंट कर समस्याओं से अवगत कराया। उपमुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों से चर्चा कर समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर बिलासपुर जिला अध्यक्ष रवि परयानी, महासचिव मनीष टंडन सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में राशन दुकान संचालक और विक्रेता उपस्थित रहे।

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि लंबित मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया और समय पर भुगतान सुनिश्चित नहीं हुआ, तो प्रदेशभर के राशन दुकानदार आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे।

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