लाइव
ब्रेकिंग
नवीनतम समाचार प्राप्त किए जा रहे हैं...
विज्ञापन Sponsored Banner Advertisement
यहाँ अपनी विज्ञापन इमेज या AdSense कोड लगाएं (970x90 / 728x90)

1877 फर्जी नाम, 276 क्विटंल चावल की अफरा तफरी, फर्जीवाड़ा मामले में लगभग पूरा परिवार आरोपी.. बिना RRC कार्रवाई के फिर से मिल गई राशन दुकान.. वाह रे ऊपर वाले, ऐसा एहसान..

1877 फर्जी नाम, 276 क्विटंल चावल की अफरा तफरी, फर्जीवाड़ा मामले में लगभग पूरा परिवार आरोपी.. बिना RRC कार्रवाई के फिर से मिल गई राशन दुकान..  वाह रे ऊपर वाले, ऐसा एहसान..
बिलासपुर- पुरानी कहावत है कि, ऊपर वाला जब भी किसी को देता है तो छप्पर फाड़ के देता है, लेकिन नीचे वालों ने तो ऊपर वाले को भी पीछे छोड़ दिया है, दरअसल कुछ साल पहले बिलासपुर जिले में शासकीय उचित मूल्य दुकान से जुड़े मामले में बड़ा खुलासा हुआ था, जिसमें लगभग मां और दो बेटे समेत एक पूरा परिवार ही आरोपी बना था, कार्रवाई के दौरान सिर्फ राशन घोटाला ही नहीं बल्कि राशन कार्डों में बेतरतीब फर्जी नाम जोड़ने का भी सनसनीखेज मामला सामने आया था, जिसमें फर्जी नाम जोड़ने के आरोप में एक आरोपी सद्दाम जेल भी पहुंचा था लेकिन कुछ सालों बाद आज दो दुकानें जय गणेश प्राथमिक उपभोक्ता भंडार और आजाद महिला स्व सहायता समूह वापस दे दी गई है, इसके पीछे एडीएम कोर्ट के उस फैसले को बताया जा रहा है, जिसमें एक अधिकारी द्वारा रिटायरमेंट के ठीक पहले दिया गया है.. हालांकि जानकारी उस आदेश में भी बहुत सारे लूप पोल बता रहे है.. 

विभागीय जानकारों ने बताया कि, आदेश को देखकर यह लग रहा है कि, एक घर में रखी दूध को जिस बिल्ली ने पिया था उस घर के जिम्मेदार ने सब जानते हुए भी उसे ही दूध की रखवाली करने की जिम्मेदारी सौंप दी और कहा कि, चोरी किए दूध को बिल्ली बाद में वापस कर देगी.. इतना ही नहीं विभागीय जिम्मेदारो ने हद तो तब कर दी जब छुट्टी के दिन भी उस व्यक्ति को दुकान दिलाने शहर की इंस्पेक्टर पहुंच गई.. कुछ दिनों पहले ही कांग्रेस नेता और पूर्व पार्षद सीताराम जायसवाल जिनके दुकान जय गणेश प्राथमिक उपभोक्ता भंडार को अनियमितता बरतने पर सस्पेंड करके निरस्त किया गया था बहाली के बाद उसे वापस दिलाया गया और प्राथमिक उपभोक्ता भंडार के अध्यक्ष ने फिर से दुकान संचालन की जिम्मेदारी विक्रेता फिरोज को दे दी..
जिसके बाद बीते 1 जुलाई को पुनः आजाद महिला स्व सहायता समूह के प्रबंधक सद्दाम जो फर्जी नाम जोड़ने के मामले में आरोपी रहा है, उसे प्रभार देने के लिए कहा जाता है, पूरे मामले में सबसे बड़ी बात है कि, दुकान वापस देने से लेकर संचालन के मामले में भारी अनियमितता बरती गई है,  जिस पर, दोनों दुकानो को फूड कंट्रोलर ने 31 दिसंबर 2025 को बर्खास्त कर दिया था जिसके बाद पूरा खेल शुरू हुआ..  दुकान निरस्त होने के बाद दोनों भाइयों फिरोज और सद्दाम ने एडीएम कोर्ट में अपील लगाई, जिसके बाद एडीएम कोर्ट ने दोनों दुकानों को वापस संचालन का आदेश दे दिया..

आदेश को देखने पर कई सवाल उठ रहे है जैसे कि, 1877 फर्जी नाम जोड़ने वाले आरोपी (सद्दाम) (जो आजाद महिला स्व सहायता समूह) का प्रबंधक बताया जा रहा है उसे बिना RRC की कार्रवाई के दुकान कैसे दे दिया गया, जबकि शासन के नियम और अधिकारियों की माने तो जब कोई दुकानदार फर्जीवाड़ा करता है तो उसकी भरपाई चावल की तय कीमत के आधार पर वसूली का प्रावधान है, लेकिन कार्रवाई के बाद अब दुकान निरस्त होने तक आजाद महिला स्व सहायता समूह द्वारा राजस्व जमा नहीं कराया गया है, आरआरसी की कार्रवाई तहसीलदार द्वारा की जाती है, जब हमने रेवन्यू रिकवरी कार्रवाई के विषय में तहसील से प्राप्त की तो खाद्य शाखा के बाबू ने बताया कि उन्हें विभाग और न समिति से कोई पत्र मिला है जिससे आरआरसी की कार्रवाई की जा सके..

अब बड़ा सवाल यह उठता है कि, जिस आदेश के दम पर दो भाइयों सद्दाम और फिरोज को दुकान वापस मिली है क्या, नियमों को दरकिनार कर उन्हें दुकान वापस किया गया है.. ऐसे में तो कोई भी दुकानदार या समिति राशन का बड़ा घपला करेगी और भौतिक सत्यापन के दौरान पकड़े जाने पर इसी तरह अपील में पैसा जमा करने का वादा कर दुकान वापस चलाने लगेगी, क्योंकि एडीएम कोर्ट से हुआ आदेश अब बाकी दुकानदारों के लिए बचने का पैमाना बनेगा, इस जजमेंट को ग्राउंड बनाकर हर दुकानदार खुलकर भ्रष्टाचार करेगा..

ये तो रही नियमों की बात, लेकिन सवाल उठता है ईमानदारी पर, कांग्रेस नेता सीताराम जायसवाल जो जय गणेश प्राथमिक उपभोक्ता भंडार के अध्यक्ष भी है, वो जानबूझकर अनियमितता बरतने वाले विक्रेता को संचालन की जिम्मेदारी क्यों सौंप रहे है.. दुकान के संचालन को कुछ ही दिन हुए है और इन दुकानों में चावल के बदले नगदी का खेल फिर से शुरू हो गया है.. ऐसे में क्या बिना आरआरसी जमा किए दुकान वापस मिलने पर यह ईमानदारी से दुकान का संचालन कर पाएंगे, और क्या दुकान को किराए पर देकर मुनाफा कमाने की यह प्रक्रिया पर रोक लगेगी, ताकि शासन की महत्वाकांक्षी योजना धरातल पर खड़ी हो सके और गरीबों को इसका लाभ वास्तविक रूप में मिल सकें..
विज्ञापन Mobile Sticky Ad
होम छत्तीसगढ़ वीडियो