अभियोजन के अनुसार, पीड़िता की मां ने थाना रामानुजगंज में शिकायत दर्ज कराई थी कि 11 जनवरी 2022 को तत्कालीन फूड इंस्पेक्टर निखिलेश टेम्भुने ने उसकी नाबालिग बेटी को अपने कार्यालय में काम पर रखा था.. शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी कार्यालय के काम का बहाना बनाकर पीड़िता को अपने घर बुलाता था और उसके साथ अश्लील हरकतें करता था। विरोध करने पर नौकरी से निकालने और परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी जाती थी..
मामले की सुनवाई के बाद फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो) ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड भी लगाया गया। न्यायालय ने प्रशासन को पूरे प्रकरण में नाबालिग से काम कराने और संबंधित विभागीय अनियमितताओं की जांच कराने के निर्देश दिए हैं..