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सिरगिट्टी आदर्श नगर में अवैध प्लाटिंग पर कसेगा शिकंजा.. जोन कमिश्नर ने दिए जांच के निर्देश, सरकारी डॉक्टर की कथित भूमिका पर भी उठे सवाल..

सिरगिट्टी आदर्श नगर में अवैध प्लाटिंग पर कसेगा शिकंजा.. जोन कमिश्नर ने दिए जांच के निर्देश, सरकारी डॉक्टर की कथित भूमिका पर भी उठे सवाल..
बिलासपुर- नगर निगम के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्रमांक 10, गोविंद नगर सिरगिट्टी स्थित आदर्श नगर के पीछे कृषि भूमि पर कथित रूप से चल रही अवैध प्लाटिंग के मामले में अब प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी शुरू होती दिखाई दे रही है। स्वतंत्र आवाज़ द्वारा खबर प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद नगर निगम और राजस्व विभाग हरकत में आ गए हैं। अब सवाल यह है कि क्या इस पूरे मामले में केवल अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई होगी या फिर इसमें कथित रूप से जुड़े लोगों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की जाएगी..

दरअसल, आदर्श नगर के पीछे कृषि भूमि को छोटे-छोटे प्लॉट में विभाजित कर बेचने की तैयारी किए जाने की जानकारी सामने आई थी, स्थानीय लोगों ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया था कि इस कथित प्लाटिंग के पीछे क्षेत्र के एक सरकारी डॉक्टर राजेश का नाम सामने आ रहा है, जब इस संबंध में डॉक्टर राजेश से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने नायक नामक व्यक्ति से बात करने की बात कही। हालांकि बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी कथित सहभागिता से स्पष्ट रूप से इनकार भी नहीं किया, वहीं, नायक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया..

मामले की जानकारी लेने के लिए स्थानीय पटवारी से भी संपर्क किया गया था। उन्होंने बताया कि जिस भूमि की जानकारी मांगी जा रही है, वह आदर्श नगर के पीछे स्थित खसरा क्रमांक 291/1 एवं 291/3 में आती है। उन्होंने यह भी कहा कि मौके पर निरीक्षण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने खसरा नंबर और कितने रकबे में प्लाटिंग की जा रही है। हालांकि उस समय अवैध प्लाटिंग को तत्काल रोकने या कार्रवाई करने को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया था, जबकि क्षेत्र में लगातार प्लाटिंग का कार्य जारी रहने की बात सामने आ रही थी..

अब इस पूरे मामले में नगर निगम के जोन कमिश्नर का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार को भूमि की वास्तविक स्थिति, संबंधित भू-स्वामियों की जानकारी और अन्य आवश्यक तथ्य एकत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद यदि अवैध प्लाटिंग की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद प्रशासन केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित रहेगा या फिर अवैध प्लाटिंग के पूरे नेटवर्क और इसमें कथित रूप से शामिल लोगों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई करेगा..
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