बिलासपुर- कहने के लिए तो न्यायधानी प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और हालही में शहर में शामिल हुए इलाकों को लेकर विकास कार्य और संयोजित विकास के लिए कार्य किया जा रहा है, लेकिन अवैध प्लाटिंग को रोकने के दावे पूरी तरह खोखले नजर आ रहे है.. इतना ही नहीं कुछ दिनों पूर्व अवैध निर्माण के दौरान हुए हादसे ने नगर निगम के अधिकारियों की तत्परता और कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए है, जिसकी वजह से दो मजदूरों की जान चली गई थी भले ही हादसा करंट से चिपकने का हो लेकिन अवैध निर्माण पर समय रहते कार्रवाई नहीं होना इसे बड़ा कारण माना जा सकता है..
इसी तरह की कारगुजारी तिफरा जोन के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्रमांक 10 सिरगिट्टी गोविन्द नगर इलाके में देखने को मिल रहा है जहां आदर्श नगर के पीछे कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग का खेल जोरो से खेला जा रहा है और कथित रूप से क्षेत्र में पदस्थ सरकारी डॉक्टर साहू का नाम मामले में सामने आ रहा है.. स्थानीय लोगों की जानकारी के अनुसार अवैध प्लाटिंग का पूरा खेल पकंज नायक और डॉक्टर राजेश साहू द्वारा खेला जा रहा है, कृषि भूमि को अवैध तरीके से प्लाटिंग बनाकर बेचने की जानकारी प्रशासन को होने के बाद भी ठोस कार्रवाई न होना संदेह पैदा कर रहा है.. एक ओर नगर निगम के बड़े अधिकारी और जनप्रतिनिधि शहर में अवैध प्लाटिंग पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कहते है लेकिन दूसरी ओर सिरगिट्टी में आदर्श नगर के पीछे बड़े पैमाने में हो रही अवैध प्लाटिंग को रोकने की कोशिश तक दिखाई नहीं दे रही है..
क्षेत्र में हो रहे अवैध प्लाटिंग की जानकारी को लेकर पटवारी से बात की जा चुकी है, इसे लेकर उन्होंने जानकारी भी दी थी लेकिन कार्रवाई को लेकर कोई बात नहीं कहना, संरक्षण की ओर इशारा करता है, दूसरी तरफ तिफरा जोन कमिश्नर को भी मामले को लेकर अवगत कराया गया था जिसके बाद उन्होंने नायब तहसीलदार के जरिए मौका मुआयना कर रिपोर्ट प्राप्त करने और फिर कार्रवाई की बात की थी वो भी दावा हवा होते नजर आ रहा है.. बड़ा सवाल उठता है कि आखिर भू माफियाओं को इस स्तर पर संरक्षण कहा से प्राप्त हो रहा है.. और क्या उच्च अधिकारी और जनप्रतिनिधि अब मामले को संज्ञान में लेकर कार्रवाई का निर्देश देंगे, या फिर बिलासपुर में अवैध प्लाटिंग का दावा समाचारों और दावों में ही सिमट कर रह जाएगा..